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बागपत में झोलाछाप चिकित्सा के खिलाफ प्रशासन का प्रहार शुरू

विश्व बंधु शास्त्री: बागपत। जनपद में जनस्वास्थ्य को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने अवैध रूप से चिकित्सा सेवा दे रहे अपंजीकृत झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। मिशन मोड में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही या खिलवाड़ न हो।

जनपद में लंबे समय से गांवों और कस्बों में बिना किसी वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा सेवा देने वालों की समस्या गंभीर बनी हुई थी। सस्ता और त्वरित इलाज मिलने के भ्रम में लोग ऐसे झोलाछाप चिकित्सकों के पास पहुंच जाते हैं, लेकिन गलत दवाइयों, अनावश्यक इंजेक्शन, एंटीबायोटिक के अंधाधुंध प्रयोग और गंभीर बीमारियों की गलत पहचान के कारण कई बार इसके परिणाम जानलेवा साबित होते हैं। इन्हीं खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जनपद में अभियान तेज कर दिया है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य नागरिकों को सुरक्षित, वैध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत के अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत के नेतृत्व में अग्रवाल मंडी टटीरी क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे क्लिनिक और दुकानें सामने आईं, जो बिना किसी वैध चिकित्सा योग्यता और पंजीकरण के संचालित हो रही थीं। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ झोलाछाप चिकित्सक अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए।

निरीक्षण के दौरान मौके पर पाए गए दो व्यक्तियों, जोगेंद्र पुत्र रघुवीर सिंह और राममोहन पुत्र बलबीर सिंह निवासी टटीरी को तत्काल नोटिस जारी किए गए। उन्हें तीन दिनों के भीतर अपनी वैध चिकित्सा डिग्री और पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में अभिलेख प्रस्तुत न करने की स्थिति में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पिलाना क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा द्वारा दो झोलाछाप चिकित्सकों राकेश पुत्र करतार निवासी खिंदौड़ा और मौसिन खान पुत्र हासिम निवासी ग्राम तिलपनी, सिंघावली अहीर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं बिनौली क्षेत्र में भी जावेद पुत्र इलियास निवासी धनौरा के खिलाफ अवैध रूप से चिकित्सा सेवा देने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। संबंधित स्थानों पर अवैध चिकित्सा गतिविधियों को तत्काल बंद कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तीरथ लाल ने बताया कि बिना पंजीकरण चिकित्सा सेवा देना दंडनीय अपराध है और भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। नियमित निरीक्षण, दस्तावेजों का सत्यापन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अवैध चिकित्सा पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा सेवा देता पाया जाए, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक या स्वास्थ्य विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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