मथुरा: श्याम बिहारी भार्गव। अखिल भारतीय गौड़ मंडल की कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक महाविद्या कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में यूजीसी द्वारा लाए गए कथित काले कानून का पुरजोर विरोध किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साथी विनोद गौड़ ने कहा कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज की पीठ पर कुठाराघात है। यह कानून धर्म और समाज को जातियों में बाँटने वाला है तथा सवर्ण समाज के बच्चों की शिक्षा में बाधा उत्पन्न करेगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से इस कानून पर अस्थायी रोक लगी है तथा 19 मार्च को इस मामले की पुनः सुनवाई होगी।
वरिष्ठ सदस्य वृषभान गोस्वामी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य एकता स्थापित करना है, न कि समाज को विभाजित करना। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाया गया प्रतिबंध समयानुकूल और उचित है। सरकार को यह कानून तुरंत वापस लेना चाहिए।
पंकज शर्मा ने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता के साथ नया ड्राफ्ट तैयार करना चाहिए, जिससे सभी वर्गों के छात्र समानता का अनुभव कर सकें।
वहीं मनोज मिश्रा ने कहा कि कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत आदेश देते हुए 2012 के पुराने नियमों को ही लागू रखने के निर्देश दिए हैं, जब तक नया ड्राफ्ट नहीं आ जाता।
बैठक में उपस्थित सभी गौड़ बंधुओं ने सरकार से अनुरोध किया कि इस काले कानून को वापस लिया जाए, ताकि समाज में समानता और सौहार्द का वातावरण बना रहे।
बैठक में पंकज शर्मा, विनोद गौड़, वृषभान गोस्वामी, महेंद्र दत्त आचार्य, रमेश चंद्र गौड़, चंद्र किशोर शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





