मथुरा। कृष्णा नगर स्थित संजय नगर में सैकड़ों परिवारों को बेदखल किए जाने की कार्रवाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की इस कार्रवाई को कांग्रेस नेताओं ने अनुचित, अमानवीय और भेदभावपूर्ण बताया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने आक्रोशित क्षेत्रीय नागरिकों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि यदि वास्तव में अतिक्रमण हटाना ही उद्देश्य है, तो पहले अफसरों, तस्करों और धनवान लोगों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड होने के साथ-साथ जलकर, गृहकर और बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद स्थानीय गरीब नागरिकों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजरवादी सरकार और भूमाफियाओं से साठगांठ रखने वाले अधिकारी गरीबों को बेघर करने पर आमादा हैं। कांग्रेस पार्टी गरीबों को उजाड़ने के हर प्रयास का डटकर विरोध करेगी।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वैद्य मनोज गौड़ ने बुलडोजर के बल पर गरीबों को बेघर करने की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बेदखली के भय में जी रहे ये लोग न तो बांग्लादेशी हैं और न ही रोहिंग्या, बल्कि इनमें अधिकांश देश के मूल निवासी अनुसूचित जाति और दलित समुदाय से हैं।
महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि ने दलित परिवारों की बेदखली की कोशिशों को तानाशाही करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े बिल्डरों की अवैध इमारतों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं।
पीड़ित परिवारों ने चेतावनी दी कि यदि उनके घर उजाड़े गए तो वे जिला मुख्यालय से लेकर राज्य सचिवालय तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जो सरकार बेघरों को घर नहीं दे सकती, उसे बसे हुए लोगों को उजाड़ने से भी बाज आना चाहिए।
इस अवसर पर ललित चौहान, रवि वाल्मीकि, अरुण धनवार, अभय प्रताप सिंह, अनिल खरे, चौधरी ओमवीर सिंह, भारत चौहान, रमेश कश्यप, जिलानी कादरी, हाशिम हुमेर, शैलेंद्र चौधरी, पंकज चौधरी, राजा गौतम, करण निषाद, अशोक निषाद, गौरव चौहान, रामवती, राजेश कुमार, विवेक कुमार, मानू चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।





