लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदन पत्रों के परीक्षण एवं अभिलेखों की गहन जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि केवल पात्र आवेदन पत्रों को ही अग्रसारित किया जाए तथा अपात्र और त्रुटिपूर्ण आवेदन पत्रों को नियमानुसार निरस्त किया जाए। जिला स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से पूर्व संबंधित जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा कम से कम 10 प्रतिशत आवेदन पत्रों का रैंडम पुनः सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि सत्यापन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु समयावधि 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है। जन्म प्रमाण पत्र, आधार अथवा बेसिक शिक्षा विभाग की यूनिक आईडी के आधार पर फार्म इनेबल करने की व्यवस्था लागू की गई है। श्रेणी 03, 04, 05 एवं 06 के आवेदन पत्रों में यू-डायस नंबर एवं यूनिक आईडी अनिवार्य कर दी गई है।
मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में भर्ती प्रक्रिया धीमी है, वहां विशेष प्रयास किए जाएं। प्रदेश के 75 जनपदों में 60,876 रिक्त पदों के सापेक्ष चयन प्रक्रिया संचालित है, जबकि कुछ जनपदों में चयन प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति हो चुकी है, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराया जाए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के अंतर्गत शेष मार्गों का निर्माण मार्च 2026 से पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। भूमि विवाद अथवा अन्य बाधाओं वाले प्रकरणों की जिलाधिकारी स्तर पर समीक्षा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे पॉलिसी-2025 की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित सभी होमस्टे, बी एंड बी तथा रूरल होमस्टे इकाइयों का विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए इस नीति का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





