रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली में 11 फरवरी 2026 को प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2019-20 में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले प्रथम बैच के छात्रों को उपाधि एवं पदक प्रदान किए गए। साथ ही जनवरी 2023 बैच के पीजी रेजीडेंट डॉक्टरों को भी उपाधि एवं पदक प्रदान किए गए। इस प्रकार संस्थान ने चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया। एमबीबीएस में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र डॉ. हर्ष कुशवाहा को “स्वर्ण पदक” प्रदान किया गया। समारोह में एमबीबीएस के कुल 48 तथा पीजी के 25 छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुश्री पुण्य सलिला श्रीवास्तव मुख्य अतिथि एवं संयुक्त सचिव सुश्री अंकिता मिश्रा बुंदेला मानद अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. आर. वी. रमणी, डीन (अकादमिक) प्रो. नीरज कुमारी, डीन (परीक्षा) प्रो. प्रगति गर्ग, डीन (अनुसंधान) प्रो. अर्चना वर्मा, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल उपेन्द्र नाथ राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित समस्त संकाय सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी सुश्री हर्षिता माथुर, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री संजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी समारोह में शामिल हुए।
नई चिकित्सीय सुविधाओं का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह से पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में तीन नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें शामिल हैं—
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PACS एवं फॉरेंसिक रेडियोलॉजी सुविधा
इसके आरंभ होने से एक्स-रे, सीटी-स्कैन एवं एमआरआई रिपोर्ट प्राप्त करने में तेजी आएगी। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर सभी विभागों को सुलभ कराना आसान होगा तथा मेडिको-लीगल मामलों में उन्नत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करना संभव होगा। -
वीडियो-यूरोडायनामिक्स सुविधा (बाल रोग सर्जरी विभाग)
इस सुविधा से बच्चों में मूत्र संबंधी समस्याओं का सटीक निदान, गॉल-ब्लैडर प्रेशर की पहचान तथा स्पाइना बिफिडा एवं अन्य तंत्रिका संबंधी समस्याओं से ग्रस्त बच्चों के उपचार में सहायता मिलेगी। -
इंडोस्कोपी सुविधा
अस्पताल के प्रथम तल पर स्थापित इस सुविधा से नैदानिक जांच त्वरित एवं सटीक रूप से उपलब्ध होगी। इससे उपचार की लागत में कमी आएगी, वृद्ध एवं उच्च जोखिम वाले रोगियों के लिए सुरक्षित विकल्प उपलब्ध होगा तथा रोगियों की शीघ्र रिकवरी में मदद मिलेगी।
समारोह की प्रमुख झलकियां
दीक्षांत समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई। अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. आर. वी. रमणी ने अपने स्वागत संबोधन में मुख्य अतिथि एवं मानद अतिथि का स्वागत किया तथा सभी उत्तीर्ण छात्रों को बधाई देते हुए चरक शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विकास, सामाजिक विकास का अभिन्न अंग है। उन्होंने छात्रों से लक्ष्य के प्रति धैर्य एवं समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया और गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की ‘गीतांजलि’ की पंक्ति—
“चित्त येथा भयशून्य, उच्च येथा शिर”
का उल्लेख करते हुए पेशेवर सत्यनिष्ठा बनाए रखने का संदेश दिया।
संस्थान की कार्यकारी निदेशिका डॉ. अमिता जैन ने वर्ष 2025 की उपलब्धियों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने एम्स रायबरेली को अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
तत्पश्चात अध्यक्ष, कार्यकारी निदेशिका एवं डीन (अकादमिक) द्वारा दीक्षांत की औपचारिक प्रक्रियाएं पूर्ण की गईं और मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं। इस अवसर पर संस्थान की कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया गया तथा संस्थान का वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में सभी उत्तीर्ण छात्रों को शुभकामनाएं दीं तथा संस्थान के वृत्तचित्र की सराहना की। उन्होंने एम्स रायबरेली द्वारा ई-संजीवनी, पीएम-जेएवाई एवं पीएम-एबीएचआईएम योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रशंसा की। डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में ई-संजीवनी ऐप के माध्यम से 2 लाख टेली-परामर्श तथा 1 लाख से अधिक एबीएचए पंजीकरण को स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड भविष्य की स्वास्थ्य योजनाओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे।
उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को ‘स्वस्थ भारत’ से जोड़ते हुए कहा कि स्वस्थ भारत के बिना विकसित भारत की परिकल्पना संभव नहीं है। समारोह के अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। आभार प्रदर्शन डीन (अकादमिक) प्रो. नीरज कुमारी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।





