प्रयागराज/मथुरा। उत्तर मध्य रेलवे में संरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, प्रयागराज में आयोजित उच्च स्तरीय संरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान दो विशेष संरक्षा जागरूकता वीडियो जारी किए। बैठक में प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी जे.सी.एस. बोरा, सभी विभागों के प्रधान विभागाध्यक्ष, मंडल रेल प्रबंधक तथा वरिष्ठ मंडल अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संभावित जोखिम कारकों की पहचान कर परिचालन संरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय उपाय लागू करना था।
जारी किए गए दोनों वीडियो ‘विजुअल सोशल अवेयरनेस’ टूल के रूप में कार्य करेंगे, जिनका उद्देश्य आम जनता और यात्रियों को विभिन्न संरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक करना है। पहले वीडियो में ट्रेन के माध्यम से संरक्षा संदेश दिया गया है, जिसमें पथराव (स्टोन पेल्टिंग), अनधिकृत स्थानों से रेलवे ट्रैक पार करना, बंद लेवल क्रॉसिंग गेट पार करना तथा मवेशियों के ट्रेन से टकराने जैसी घटनाओं के प्रति सचेत किया गया है।
दूसरा वीडियो ‘मैन रन ओवर’ की समस्या पर केंद्रित है। इसमें यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए ट्रैक पार न करने और फुटओवर ब्रिज का उपयोग करने का संदेश दिया गया है। बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने झांसी, आगरा और प्रयागराज मंडलों के 11 रेल कर्मचारियों को उत्कृष्ट संरक्षा कार्यों के लिए सम्मानित किया। सम्मानित कर्मचारियों में परसा राम मीणा (ट्रैक मेंटेनर-II/मैनपुरी, प्रयागराज मंडल), शेरू (ट्रैक मेंटेनर-I/प्रयागराज), हीरालाल (ट्रैक मेंटेनर-III/महोबा, झांसी मंडल), रंजीत कुमार झा (स्टेशन मास्टर/पहाड़ा, प्रयागराज मंडल), दीपक (पॉइंट्समैन/माता टीला, झांसी मंडल), रईसुद्दीन (पॉइंट्समैन/ईदगाह, आगरा मंडल), नमन मौर्य (गेटमैन/छलेसर, आगरा मंडल), शशिकांत मीणा (सीनियर टेक्नीशियन, सिग्नल/आगरा सिटी, आगरा मंडल), भरत सिंह (स्टेशन मास्टर-I/राजा की मंडी, आगरा मंडल), रविकांत मीणा (सीनियर टेक्नीशियन, कैरेज एवं वैगन/मथुरा, आगरा मंडल) तथा संतोष कुमार (सीनियर टेक्नीशियन, कैरेज एवं वैगन/जीएमसी, प्रयागराज मंडल) शामिल रहे।
प्रयागराज मंडल के सीनियर टेक्नीशियन (कैरेज एवं वैगन) संतोष कुमार को जनवरी 2026 के लिए ‘एम्प्लॉई ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा, “संरक्षा केवल एक प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि एक मानसिकता है। ये दोनों वीडियो ट्रेन संचालन को प्रभावित करने वाले सामाजिक मुद्दों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूकता फैलाने में प्रभावी सिद्ध होंगे।”





