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फसल बीमा योजना के तहत नुकसान का हो त्वरित सर्वेक्षण

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की और कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बेमौसम वर्षा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए और बीमित किसानों को समयबद्ध क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में राजस्व, कृषि और बीमा कंपनी की संयुक्त समिति गठित कर प्रभावित किसानों की उपस्थिति में पारदर्शी ढंग से नुकसान का आंकलन किया जाएगा।

उन्होंने स्कूली वाहनों के लिए विशेष फिटनेस और सुरक्षा जांच अभियान (1 से 15 अप्रैल 2026) संचालित करने के निर्देश दिए। इसके लिए परिवहन विभाग ने इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनीटरिंग पोर्टल विकसित किया है, जो रीयल-टाइम ट्रैकिंग, अलर्ट और डिजिटल निगरानी सुनिश्चित करेगा। पोर्टल पर वाहन और चालक के दस्तावेजों का स्वचालित सत्यापन होगा और समय पर फिटनेस न कराने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लखपति दीदी कार्यक्रम के दौरान डिजिटल आजीविका रजिस्टर में त्रैमासिक आय की शत-प्रतिशत प्रविष्टि अनिवार्य होगी, डीएलसीसी एवं बीएलसीसी की नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी और राशनकार्ड के लाभार्थियों को समूह से जोड़ा जाएगा।

गो-आश्रय स्थलों के लिए विशेष भूसा संग्रह अभियान 15 अप्रैल से शुरू होगा। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल के आसपास 4 किलोमीटर परिधि में गोचर भूमि से चारा आच्छादन का विस्तार किया जाएगा। शेष जनपदों में कमाण्ड और कंट्रोल रूम की स्थापना, प्रत्येक स्थल पर न्यूनतम 5 सीसीटीवी कैमरे और स्थानीय किसानों, एफपीओ और चारा उत्पादकों के साथ क्रय अनुबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। भूसा की खरीद में बिचौलियों या ठेकेदारों को शामिल नहीं किया जाएगा।

किसानों को गोबर और गोमूत्र के प्रभावी उपयोग के लिए गो-आश्रय स्थलों से जोड़ा जाएगा और गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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