रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली ने 25 मार्च 2026 को अपना “प्रथम अनुसंधान कार्निवल” बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया। यह कार्यक्रम संस्थान में अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI), लखनऊ के निदेशक और पद्म श्री विभूषित प्रो. आर. के. धीमन की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई। प्रो. धीमन ने युवा शोधकर्ताओं को प्रभावशाली और व्यावहारिक अनुसंधान करने के लिए प्रेरित किया।
आमंत्रित वक्ता, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के डॉ. कोटेश्वर आर. जेरिपोथुला ने “स्वास्थ्य सेवा में मशीन लर्निंग” विषय पर व्याख्यान दिया और चिकित्सा में AI के उभरते अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. अमिता जैन ने रोगी देखभाल में सुधार और अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। डीन (अनुसंधान) प्रो. अर्चना वर्मा ने संस्थागत अनुसंधान प्रकोष्ठ (IRC) की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण ‘सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुति सत्र’ था, जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। पुरस्कार वितरण में दिव्यांशु मोहन आर्य और अक्षत पांडे ने स्नातक पोस्टर श्रेणी में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किए। ‘सर्वश्रेष्ठ पीजी थीसिस पुरस्कार’ डॉ. नेहा नोहरिया और डॉ. आस्था केसरवानी को मिला। 14 संकाय सदस्यों को ‘सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान प्रकाशन पुरस्कार’ और जैव रसायन विभाग को ‘अनुसंधान में सर्वश्रेष्ठ विभाग’ का पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में डीन (अकादमिक) प्रो. नीरज कुमारी, डीन (परीक्षा) प्रो. प्रगति गर्ग, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यु एन राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित संकाय सदस्य, अधिकारी और छात्र उपस्थित रहे।





