रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का लोकार्पण किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार हुआ यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट राज्य को वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करते हुए ‘नए उत्तर प्रदेश’ की उड़ान का प्रतीक बनेगा और 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देगा।
इस एयरपोर्ट की प्रारंभिक क्षमता लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष की है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ तक किया जाएगा। कार्गो क्षमता भी प्रारंभिक 2.5 लाख टन से बढ़ाकर 15 लाख टन तक करने की योजना है। एक्सप्रेसवे, बस और मेट्रो से जुड़ी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, डिजियात्रा आधारित डिजिटल सुविधाएं, एमआरओ, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग जैसी व्यवस्थाएं इसे आधुनिक एयरपोर्ट बनाती हैं। यह एयरपोर्ट नेट जीरो एमिशन और ग्रीन एनर्जी आधारित डिजाइन पर विकसित किया गया है।
जनपद रायबरेली को भी इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। जिले के प्रमुख उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी, स्थानीय उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को गति मिलेगी तथा निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन एवं व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह एयरपोर्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था में ₹1 लाख करोड़ से अधिक के संभावित योगदान के साथ विकास का नया इंजन बनकर उभरेगा। कार्गो और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के विभिन्न जिलों को ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने का अवसर मिलेगा।
जेवर एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ा गया है, जिससे आवागमन और अधिक सुगम होगा। सुरेश गुप्ता (उद्यमी), प्रदेश सचिव, लघु उद्योग भारती रायबरेली ने कहा कि एयरपोर्ट के संचालन से अब रायबरेली के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और दूरी दोनों की बचत होगी। वहीं उदित आजाद, अध्यक्ष इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन रायबरेली ने कहा कि इससे जिले में औद्योगिक विकास तेज होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में समावेशी, संतुलित और तीव्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश को वैश्विक मंच से जोड़ते हुए ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करेगा।










