रायबरेली। प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों की मानदेय वृद्धि के उपलक्ष्य में गोरखपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ रायबरेली में भी जनपद स्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन गोपाल सरस्वती इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा गया। जनपद स्तरीय कार्यक्रम में उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, सदर विधायक अदिति सिंह, सलोन विधायक अशोक कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका तथा मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता सहित कई गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के 16 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीक स्वरूप डमी चेक वितरित किए गए। इसके अलावा प्रत्येक विकास खंड से दो तथा नगरीय क्षेत्र के शिक्षामित्रों सहित कुल 39 शिक्षामित्रों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मानदेय वृद्धि से जिले के 2093 शिक्षामित्र लाभान्वित हुए हैं। राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज के निर्माणकर्ता होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने समर्पण और निष्ठा से बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य किया है। प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सदर विधायक अदिति सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं, जो बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में उनके योगदान को सराहनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों ने बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और आत्मविश्वास भी विकसित किया है। सलोन विधायक अशोक कुमार ने कहा कि यह सम्मान केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के योगदान की स्वीकृति है। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों से अपेक्षा जताई कि वे भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है, जो अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है। साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया है।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें कथक नृत्य विशेष आकर्षण रहा। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एस.एस. पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, उपजिलाधिकारी सचिन यादव, राजेश श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, जिला पंचायत सदस्य राघवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षामित्र उपस्थित रहे।





