• Home
  • रायबरेली
  • एम्स रायबरेली में भेंगापन के आधुनिक उपचार पर सीएमई आयोजित

एम्स रायबरेली में भेंगापन के आधुनिक उपचार पर सीएमई आयोजित

रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली के नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा 12 मई 2026 को “स्ट्रैबिस्मस (भेंगापन): आधुनिक प्रबंधन एवं शल्य चिकित्सा” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भेंगापन के नवीनतम निदान एवं उपचार विधियों पर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना रहा। एम्स रायबरेली का नेत्र विज्ञान विभाग लंबे समय से नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित वर्गों में आंखों की बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्थान उन्नत चिकित्सा सेवाओं के साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता देता रहा है।

कार्यक्रम का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रगति गर्ग ने किया। उनके नेतृत्व और समर्पण से विभाग ने भेंगापन से ग्रस्त बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने में उल्लेखनीय कार्य किया है। डॉ. गर्ग ने कहा कि सही समय पर उपचार और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल से न केवल दृष्टि, बल्कि आत्मसम्मान और व्यक्तित्व का भी पुनर्निर्माण संभव है। कार्यकारी निदेशिका डॉ. अमिता जैन ने अपने संबोधन में भेंगापन के शीघ्र निदान और उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रारंभिक हस्तक्षेप बच्चों के दृष्टि विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

कार्यक्रम में अतिथि वक्ता के रूप में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ की नेत्र विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. विनिता सिंह ने भेंगापन प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने लाइव स्क्विंट सर्जरी का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी। सीएमई कार्यक्रम में डॉ. नीरज कुमारी, डीन अकादमिक; डॉ. अर्चना वर्मा, डीन रिसर्च; डॉ. नीरज श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. मृतुन्जय कुमार, विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग तथा डॉ. सुनीता सिंह, विभागाध्यक्ष बाल शल्य चिकित्सा विभाग सहित कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में भेंगापन के क्लिनिकल मूल्यांकन, नॉन-सर्जिकल एवं सर्जिकल उपचार विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। देशभर से आए नेत्र रोग विशेषज्ञों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं मेडिकल विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। समापन सत्र में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top