➢ बसें सड़क किनारे खड़ी मिली तो होगी कठोर कार्यवाही
➢ शिकायतों का संज्ञान लेकर डीसीपी पहुंचे निरीक्षण करने
हिमांशू: कानपुर। झकरकटी बस स्टेशन के बाहर चालक और परिचालकों की मनमानी आम राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। अंतरराज्यीय मेजर सलमान खान (झकरकटी) बस स्टेशन के बाहर मुख्य सड़क पर बसों की लंबी कतारों के कारण आए दिन शहरवासियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता है। जनता की इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने रेलबाजार थाना प्रभारी वा बाबूपुरवा थाना प्रभारी और रोडवेज के एआरएम पंकज तिवारी के साथ संयुक्त रूप से झकरकटी से लेकर टाटमिल चौराहे तक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क किनारे बसें खड़ी करने वाले चालकों को सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी दी गई।
डीजीपी मुख्यालय के निर्देश पर एक्शन में ट्रैफिक पुलिस
डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने बताया कि डीजीपी मुख्यालय द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में यह संयुक्त निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा, झकरकटी बस स्टेशन से रोजाना सैकड़ों बसें विभिन्न जनपदों और दूसरे राज्यों के लिए संचालित होती हैं। सवारी भरने की होड़ में चालक और परिचालक नियमों को ताक पर रखकर बसें सड़क किनारे ही खड़ी कर देते हैं। पहले से ही कम चौड़ी सड़क पर बसें खड़ी होने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है, जिससे भीषण जाम की स्थिति पैदा होती है और आम जनता को जाम की समस्या से रूबरू होना पड़ता है।
सड़क पर सवारी भरी तो कटेगा चालान, होगी एफआईआर
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी हाल में सड़क पर अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी बस चालकों और परिचालकों को एक जगह एकत्र कर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बसों को स्टैंड के भीतर ही पार्क करें और वहीं से सवारियां बैठाएं। उन्होंने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी बस चालक सड़क किनारे सवारी भरता पाया गया, तो उसका तत्काल भारी-भरकम चालान काटा जाएगा। इसके बाद भी लापरवाही मिलने पर सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी ताकि सड़कों पर भीड़ न जुटे और संभावित हादसों को रोका जा सके।
एआरएम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान रोडवेज प्रशासन की शिथिलता भी उजागर हुई। स्थानीय लोगों और राहगीरों का आरोप है कि अंतरराज्यीय बस स्टेशन के एआरएम पंकज तिवारी की लापरवाही और निष्क्रियता के चलते ही चालक-परिचालकों के हौसले बुलंद हैं। एआरएम कार्यालय की नाक के नीचे दिनभर जाम का झाम लगा रहता है और बसें अवैध रूप से सड़क घेरे रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इससे बेखबर बने रहते हैं। डीसीपी ट्रैफिक ने रोडवेज प्रबंधन को भी अपनी आंतरिक व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी है।










