लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग बैठक में मेट्रो शहरों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मेट्रो सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुविधाजनक और जनसुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि नए मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के दौरान भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पार्किंग के लिए भी भूमि अधिग्रहित की जाए। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों के निकट अंडरग्राउंड पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि मेट्रो रूट के समानांतर सिटी बसों का संचालन न किया जाए, ताकि मेट्रो की उपयोगिता बढ़े और राइडरशिप में वृद्धि हो सके। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि आमजन को मेट्रो यात्रा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को बताया जाए कि मेट्रो यात्रा न केवल सुरक्षित है, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास खाली पड़े भूखंडों पर पीपीपी मॉडल के तहत पार्किंग एरिया विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इसके साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निकट मोबाइल एप आधारित साइकिल और ई-साइकिल किराए पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यात्रियों को सुगम और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत, यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





