अनुपम दुबे: कानपुर देहात। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी मुक्त भारत अभियान) के तहत राजपुर ब्लॉक में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान पंचायत भवन रसधान और कांधी में कुल 205 मरीजों की हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग की गई। शिविर का संचालन डॉ. सलिल सचान के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराईं। वहीं, कांधी गांव में दो संभावित क्षय रोगियों की बलगम जांच भी कराई गई।
वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक बी.के. दीक्षित ने बताया कि जिन लोगों को एक सप्ताह से लगातार खांसी, बार-बार बुखार अथवा दवा लेने के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा है, उन्हें तत्काल जांच करानी चाहिए। ऐसे लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनका परीक्षण और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी की समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए लोगों को लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।
कार्यक्रम में एक्स-रे टेक्नीशियन विश्राम सिंह और मनीष कुशवाहा के साथ आशा कार्यकर्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों की पहचान, पंजीकरण, जांच और उपचार व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया। शिविर के दौरान लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव के उपाय तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।




