अनुपम दुबे: कानपुर देहात। प्रमुख सचिव कृषि, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी के आदेश पर जनपद में उर्वरक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी रोकने तथा निर्धारित दरों पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संयुक्त टीमें गठित कर औचक छापेमारी की गई। जनपद में कुल 6 संयुक्त टीमों ने विभिन्न तहसीलों में सरकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे डाले। इस दौरान कुल 27 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 24 उर्वरक नमूने संग्रहित किए गए। नियमों के उल्लंघन पर 4 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
भोगनीपुर तहसील में जिला कृषि अधिकारी और तहसीलदार की टीम ने सरकारी क्रय-विक्रय समिति सहित कई दुकानों पर छापेमारी कर 10 नमूने लिए। कुछ प्रतिष्ठानों पर स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित न होने तथा वितरण रजिस्टर अद्यतन न पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों के रजिस्टर अद्यतन पाए गए। अकबरपुर तहसील में उप कृषि निदेशक एवं तहसीलदार की टीम ने 3 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 8 नमूने लिए। वहीं कुछ प्रतिष्ठान बंद पाए जाने पर संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी तरह सिकंदरा, मैथा और डेरापुर तहसीलों में भी संबंधित अधिकारियों की टीमों द्वारा छापेमारी की गई, जिसमें कई नमूने एकत्र किए गए तथा अनियमितताओं पर आवश्यक कार्रवाई की गई। जिला कृषि विभाग के अनुसार सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर रोक लगाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।





