फिरोजाबाद। धर्मनगरी में इन दिनों सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन विभिन्न जैन मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। इंद्र-इंद्राणियों ने श्रीजी को 512 अर्घ्य अर्पित किए। सांयकालीन संगीतमय आरती में भक्तजन भक्ति भाव में झूम उठे।
सदर बाजार स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में मुनि अमित सागर महाराज के सानिध्य में तथा विनोद जैन मिलेनियम के सहयोग एवं आगरा से पधारे विधानाचार्य राकेश जैन के निर्देशन में सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ संपन्न हो रहा है। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह से नाचते-गाते हुए श्रीजी के समक्ष 512 अर्घ्य समर्पित किए।
नगर के इंद्रा कॉलोनी स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में दस दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ के अंतर्गत प्रातः काल इंद्र स्वरूप पुजारियों ने नित्य अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया, जिसके बाद विधान प्रारंभ हुआ। इसमें सभी भक्तों ने मिलकर श्रीजी के समक्ष 512 अर्घ्य अर्पित किए।
विधान में जनपद सहित दूर-दराज से आए सैकड़ों भक्तों ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। संजय जैन (पीआरओ) ने बताया कि सिद्धचक्र महामंडल विधान जैन धर्म के प्रमुख एवं पवित्र अनुष्ठानों में से एक है। यह केवल पूजा विधान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, शांति और सिद्धत्व की दिशा में बढ़ने का एक दिव्य माध्यम है। इसमें पंच परमेष्ठि की आराधना द्वारा जीव अपने भीतर निहित दिव्य गुणों को जाग्रत करता है और मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होता है।
मीडिया प्रभारी अजय जैन बजाज और राज जैन ने बताया कि विधान में दूर-दूर से आए भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया और पुण्य अर्जित किया।
कार्यक्रम में अरुण जैन (पीली कोठी), अजय जैन (एड.), ललितेश अग्रवाल जैन, ललित मोहन रपरिया, राजेश जैन, प्रमोद सोनल, सुधीर ठेकेदार, संभव प्रकाश जैन, अरविंद जैन मित्तल, सुधीर जैन, इंद्र कुमार जैन, राहुल जैन, प्रवीन जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नगर के जैन मंदिरों में श्रीजी के समक्ष 512 अर्घ्य किए समर्पित





