फिरोजाबाद। दाऊदयाल महिला महाविद्यालय में रविवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा शास्त्र विभाग की एमए वर्ग की 20 छात्राओं ने प्रतिभाग किया और लौह पुरुष सरदार पटेल के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला।
छात्राओं ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पूरे भारत में 31 अक्टूबर को “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने महात्मा गांधी से प्रेरित होकर स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने अदम्य साहस एवं नेतृत्व के कारण “सरदार” कहलाए। स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में उन्होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रेनू वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जो व्यक्ति जीवन को अत्यधिक गंभीरता से लेता है, उसे तुच्छ जीवन जीने के लिए तैयार रहना चाहिए। सुख-दुःख को समान रूप से स्वीकार करने वाला ही जीवन का सच्चा आनंद ले सकता है।”
कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. विनीता गुप्ता के निर्देशन में किया गया तथा संचालन दीक्षित ने किया। इस दौरान शालिनी गुप्ता, डॉ. अंजना गौतम, प्रियंका अरेले सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
दाऊदयाल महिला महाविद्यालय में छात्राओं ने पटेल के जीवन पर डाला प्रकाश





