रायबरेली। जनपद की डेढ़ माह की नवजात आकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट जैसी गंभीर जन्मजात बीमारी से ग्रसित थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली में डॉ. सुयश सिंह, एम.एस. न्यूरो सर्जरी, एवं उनकी टीम ने सफल ऑपरेशन कर बच्ची को नया जीवन दिया। आकृति के पिता दीपक अग्रहरी और मां रुचि अग्रहरी ने बताया कि ऑपरेशन निःशुल्क हुआ, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी से राहत मिली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि आरबीएसके के तहत न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का निःशुल्क ऑपरेशन पहली बार एम्स रायबरेली में किया गया। पहले इसके लिए बच्चों को झांसी या लखनऊ जैसे जिलों में जाना पड़ता था। अब एम्स रायबरेली को आरबीएसके कार्यक्रम से जोड़ने के बाद यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो गई है, जिससे जिले के बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आरबीएसके के तहत 47 प्रकार की जन्मजात विकृतियों और बीमारियों का इलाज किया जाता है। जनपद के 18 ब्लॉकों में कुल 36 टीमें कार्यरत हैं, जो सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर उपचार करती हैं या उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करती हैं। प्रत्येक टीम में एक महिला एवं एक पुरुष चिकित्सक सहित दो पैरामेडिकल स्टाफ शामिल होते हैं। उपमुख चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में अप्रैल से अब तक आरबीएसके के तहत 39 बच्चों के कटे होंठ एवं तालू का निशुल्क ऑपरेशन लखनऊ के हेल्थ सिटी हॉस्पिटल में कराया गया है। डीएचईआईओ डी.एस. अस्थाना ने कहा कि आरबीएसके के अंतर्गत राणा बेनी बांधव सिंह जिला चिकित्सालय में प्रत्येक बुधवार अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से क्लब फुट की जांच और उपचार किया जाता है। इस वित्तीय वर्ष में क्लब फुट से पीड़ित 32 बच्चों का सफल उपचार किया गया है, जबकि पिछले सात वर्षों में 308 बच्चों का इलाज हो चुका है।
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से पीड़ित आकृति को मिला नया जीवन





