फिरोजाबाद। जनपदीय श्रम बंधु, बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन टास्क फोर्स तथा श्रम टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक में यह जानकारी दी गई कि हाल ही में बालश्रम के अंतर्गत पकड़े गए 42 बच्चों में से 14 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश करा दिया गया है। उद्देश्य यह है कि निरक्षर बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ा जा सके और उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडीएम विशु राजा ने कहा कि बालश्रम उन्मूलन अभियान में इस वर्ष की प्रगति गत वर्ष की तुलना में कम रही है, जिस पर उन्होंने संबद्ध अधिकारियों के कार्यों पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक अभियान चलाते हुए गठित सचल प्रवर्तन दल एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिवार्य रूप से निरीक्षण और चिन्हांकन करें। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी मणीन्द्र सिंह, सहायक श्रम आयुक्त यशवंत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडे, जिला प्रोबेशन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग संध्या, डीपीओ मिथलेश सिंह सहित कई विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि—भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह, सीटू के उपाध्यक्ष नवल सिंह, चिराग सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. जफर आलम, पेस सोसाइटी से रेनू वर्मा, सिंडीकेट से हनुमान प्रसाद गर्ग, विन्नी मित्तल सहित अन्य अधिकारी और श्रम प्रवर्तन अधिकारी विवेक कुमार त्रिवेदी, विनीत त्रिपाठी, उमेश चंद्र एवं वरिष्ठ सहायक भी उपस्थित रहे। श्रम विभाग द्वारा संचालित यह कदम बालश्रम उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे कई बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बालश्रम में पकड़े गए बच्चों को शिक्षित करेगा श्रम विभाग





