फिरोजाबाद। जनपद में संविधान दिवस के अवसर पर विभिन्न सरकारी कार्यालयों और न्यायालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलैक्ट्रेट और जनपद न्यायालय में गोष्ठियों के माध्यम से संविधान के महत्व और मूल्यों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
जनपद न्यायालय के एडीआर भवन में संविधान दिवस एवं स्थायी लोक अदालत विषय पर आयोजित गोष्ठी में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंधल ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो लचीला होने के साथ ही कुछ हद तक कठोर भी है। उन्होंने बताया कि संविधान 19 नवम्बर 1949 को तैयार हो गया था और 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए जाने के बाद से भारत में 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई।
प्राधिकरण सचिव अतुल चौधरी ने कहा कि लगभग 200 वर्षों के अंग्रेजी शासन के बाद देश को ऐसे कानून की आवश्यकता थी जो विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों को एकता और समानता के सूत्र में बांध सके। इसी उद्देश्य से संविधान बनाया गया, जो सभी नागरिकों को बिना भेदभाव समान अधिकार प्रदान करता है। इसके अलावा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स द्वारा जिला कारागार में भी संविधान दिवस मनाया गया।
कलैक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया गया और उन्हें संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरविंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोहनलाल गुप्ता, बेसिक शिक्षाधिकारी आशीष पांडेय समेत कलैक्ट्रेट के सभी पटल सहायक उपस्थित रहे।





