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संयुक्त टीम ने दो बाल श्रमिकों को चिन्हित कर कराया अवमुक्त

पंडित अनुपम दुबे: कानपुर देहात। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश को दिसम्बर 2027 तक बाल श्रम से मुक्त करने के संकल्प के क्रम में प्रमुख सचिव, श्रम एवं श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा आठ आकांक्षीय जनपदों सहित कानपुर एवं देवीपाटन मंडल के सभी जनपदों को दिसम्बर 2026 तक बाल श्रम मुक्त करने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह अभियान 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर 2025 तक संचालित किया जा रहा है।

इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी कपिल सिंह, कानपुर देहात ने “जिला टास्क फोर्स” को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सहायक श्रमायुक्त राम अशीष के नेतृत्व में श्रम प्रवर्तन अधिकारियों, बाल संरक्षण अधिकारी, AHTU प्रभारी तथा चाइल्डलाइन टीम की संयुक्त टीम द्वारा बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन, अवमुक्ति एवं पुनर्वासन का कार्य किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत अकबरपुर स्थित मेसर्स शानू ऑटो पार्ट्स तथा मेसर्स गु्प्ता स्वीट हाउस में दो बाल श्रमिकों का चिन्हांकन कर उन्हें बाल श्रम से अवमुक्त कराया गया। साथ ही उनके सेवायोजकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है।

संयुक्त टीम द्वारा 1 दिसम्बर 2025 से अब तक कुल 10 प्रतिष्ठानों से 14 बाल श्रमिक चिन्हित किए गए हैं, जिनके सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, कानपुर देहात के न्यायालय में वाद दायर करने की कार्रवाई की जा रही है।

सहायक श्रमायुक्त ने जनपद के सभी कारखानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, दुकानों एवं ईंट-भट्ठा संचालकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार से बाल श्रमिकों को नियोजित न करें। उन्होंने बताया कि अभियान जनपद की सभी तहसीलों एवं ब्लॉकों में संचालित किया जा रहा है।

संयुक्त टीम में राजेश श्रीवास्तव (श्रम प्रवर्तन अधिकारी, डेरापुर), अरविंद कुमार सोनकर (श्रम प्रवर्तन अधिकारी, पुखरायां), पल्लवी सिंह (श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अकबरपुर), धर्मेंद्र ओझा (बाल संरक्षण अधिकारी), प्रभारी AHTU तथा चाइल्डलाइन कोऑर्डिनेटर, कानपुर देहात शामिल हैं।

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