फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार

कानपुर देहात। थाना मंगलपुर एवं एसओजी पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही में फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को कॉल कर मुकदमा खत्म कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से 10,000 रुपये नकद, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

जनपद कानपुर देहात पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। दिनांक 10 दिसंबर 2025 को वादी अजय कुमार पुत्र महेश कुमार निवासी फरीदापुर, थाना मंगलपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा तहरीर दी गई थी कि एक व्यक्ति स्वयं को अधिकारी बताकर बिजली का बिल कम कराने और मुकदमा समाप्त कराने के नाम पर ठगी कर रहा है तथा जान से मारने की धमकी दे रहा है। तहरीर के आधार पर थाना मंगलपुर पर मु0अ0सं0 434/2025 धारा 308(5)/351(3) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त निगम यादव पुत्र अखिलेश यादव निवासी ग्राम गोबा, थाना पृथ्वीपुर, जनपद निवाड़ी (टीकमगढ़) मध्य प्रदेश, उम्र करीब 19 वर्ष, द्वारा स्वयं को विजिलेंस टीम कानपुर देहात का फर्जी दरोगा बताकर बिजली विभाग का मुकदमा खत्म कराने के नाम पर 25,000 रुपये की मांग की गई थी, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था।

लगातार दबिश के दौरान अभियुक्त को हवासपुर चौराहे से लगभग 100 मीटर पहले सीएचसी संदलपुर रोड, थाना मंगलपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से 10,000 रुपये नकद, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा एक मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स बरामद हुई। मोबाइल फोन की जांच में 62 जनपदों से संबंधित 1019 एफआईआर तथा 44 क्यूआर कोड पाए गए।

पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त इन एफआईआर के माध्यम से संबंधित लोगों से संपर्क कर स्वयं को अधिकारी या दरोगा बताकर मुकदमा खत्म कराने का लालच देता था और क्यूआर कोड के माध्यम से रुपये मंगवाता था। बरामदगी के आधार पर पंजीकृत मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह यूपी कॉप ऐप से एफआईआर डाउनलोड कर स्क्रीनशॉट लेता था तथा मेरी पंचायत ऐप के माध्यम से ग्राम प्रधान व अन्य लोगों से संपर्क कर आरोपित व्यक्तियों के मोबाइल नंबर प्राप्त करता था। इसके बाद वह संबंधित व्यक्तियों को कॉल कर अधिकारी बनकर धमकाता और मुकदमा खत्म कराने के नाम पर रुपये वसूलता था। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि दिनांक 7 दिसंबर 2025 को उसने राजा ढाबा के पास अजय कुमार से 10,000 रुपये लिए थे तथा 25,000 रुपये की मांग की थी। गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

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