पंडित अनुपम दुबे: कानपुर देहात। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार ने बताया कि जनपद में आगामी पर्व-त्योहारों को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाने के दृष्टिगत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश दिनांक 30 दिसंबर 2025 की पूर्वान्ह से दिनांक 16 जनवरी 2025 तक जनपद की संपूर्ण सीमा में प्रभावी रहेगा।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि इस अवधि में 01 जनवरी 2026 को नववर्ष, 03 जनवरी 2026 को हजरत अली का जन्म दिवस, 05 जनवरी 2026 को गुरु गोविंद सिंह जयंती, 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति, 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी, 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस, 01 फरवरी 2026 को शबे बरात तथा 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाना है। इन सभी अवसरों पर लोक व्यवस्था, शांति व्यवस्था एवं जनसुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है।
जारी आदेश के अनुसार जनपद में कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन किसी भी माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द एवं सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास नहीं करेगा। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ड्रोन कैमरे का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों को इससे छूट होगी। ड्यूटी पर तैनात शासकीय कर्मियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, लाठी, भाला, तलवार या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चलेगा और न ही उनका प्रदर्शन करेगा।
किसी भी व्यक्ति को ऐसे समूह का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं होगी, जिसका उद्देश्य विधि विरुद्ध गतिविधियों में सम्मिलित होना हो। न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की टिप्पणी पर प्रतिबंध रहेगा। बिना लाइसेंस तेजाब या अन्य विस्फोटक पदार्थों का संग्रह वर्जित रहेगा। कंकड़, पत्थर, बोतल, शीशे के टुकड़े जैसी सामग्री, जिसका उपयोग कानून व्यवस्था बिगाड़ने में किया जा सकता है, का संग्रह भी प्रतिबंधित रहेगा।
बिना पूर्व अनुमति कोई सभा, जुलूस, सांस्कृतिक या अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। अनुमति प्राप्त कार्यक्रमों में निर्धारित स्थल, मार्ग और समय का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी प्रकार का भड़काऊ, अमर्यादित भाषण, पुतला दहन या उन्मादी गतिविधि नहीं की जाएगी। लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग बिना अनुमति प्रतिबंधित रहेगा तथा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पूर्णतः निषेध रहेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि पर किसी भी धर्म, देवी-देवता, महापुरुष या समुदाय के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी, अफवाह या भ्रामक सूचना प्रसारित करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति किसी भी देवी-देवता या महापुरुष की मूर्ति स्थापना भी प्रतिबंधित रहेगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोपहिया वाहन पर दो से अधिक व्यक्ति सवारी नहीं करेंगे, वाहन की छत पर यात्रा प्रतिबंधित रहेगी तथा मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने, हुड़दंग मचाने और यातायात बाधित करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील गीत, नशे की हालत में घूमना, मांस या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं फेंकना तथा महिला उत्पीड़न से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि परंपरागत पर्व-त्योहार, विवाह समारोह, शव यात्राएं, शासकीय कार्यक्रम, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी, सिख समुदाय द्वारा धार्मिक कृपाण धारण करना तथा वृद्ध और दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा लाठी-छड़ी के प्रयोग को इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि आदेश का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 188 सहित अन्य विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश से आहत है तो वह संबंधित उपजिलाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर नियमानुसार सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाएगा।





