हाथरस। नगर पालिका क्षेत्र में बिगड़ती सफाई व्यवस्था और अधिशासी अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नगर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण कराने तथा जमीनी हकीकत जानने के लिए जनपद या तहसील स्तर के अधिकारियों की एक विशेष समिति गठित करने की मांग की है।
पत्र में नगर पालिकाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है कि नगर पालिका के नियमित, बैकलॉग और संविदा सफाई कर्मचारियों में से कई कर्मचारी स्वयं कार्य पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उनकी जगह कम रुपये देकर अन्य व्यक्तियों से काम कराया जा रहा है। ये लोग भी आधा-अधूरा कार्य कर रहे हैं, जिससे शहर की गलियों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इसे नगर पालिका सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन बताया गया है।
नगर पालिकाध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से प्रशासनिक ढिलाई का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से अधिशासी अधिकारी को सफाई व्यवस्था में सुधार और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन इन आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि अधिशासी अधिकारी द्वारा न तो प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और न ही सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष समिति गठित कर रोस्टर के अनुसार जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।





