• Home
  • मथुरा
  • कांग्रेस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मनरेगा का नाम परिवर्तन करने का किया विरोध

कांग्रेस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मनरेगा का नाम परिवर्तन करने का किया विरोध

मथुरा। राष्ट्रीय एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के आह्वान पर मथुरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इसके उपरांत जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के नाम में किए गए परिवर्तन को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने सांप्रदायिक सोच के वशीभूत होकर न केवल योजना का नाम बदला है, बल्कि ग्रामीण आबादी को उनके रोजगार के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि सूचना का अधिकार और शिक्षा का अधिकार जैसी कांग्रेस नीत सरकार द्वारा दिए गए सशक्त अधिकार भी मौजूदा सरकार की कुदृष्टि की चपेट में हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा के जनहितकारी पहलुओं को कमजोर किया गया है, जबकि यह योजना विश्व के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में अत्यंत रचनात्मक और अनुकरणीय मानी गई है। इस योजना ने निर्धनतम ग्रामीण तबकों में उम्मीद जगाई थी, जिसकी उपयोगिता कोविड-19 महामारी के दौरान स्पष्ट रूप से सामने आई, जब 4.6 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला और 180 करोड़ से अधिक कार्य दिवस सृजित हुए। इसके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ, जिनमें सड़कें और तालाब शामिल हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के बावजूद पिछले कई वर्षों से मनरेगा के बजट में कोई वृद्धि नहीं की गई है। जिला कांग्रेस कमेटी मथुरा ने मांग की कि कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाई जाए, प्रत्येक ग्रामीण को रोजगार की गारंटी, पूरी मजदूरी की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लिया जाए, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली की जाए और काम न देने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। पार्टी ने प्रत्येक मनरेगा श्रमिक को न्यूनतम 500 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की भी मांग की।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता शिवदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह योजना गरीब किसानों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को उनके मौलिक अधिकार दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम थी, जिसे अब सरकार द्वारा आंशिक बजट का मोहताज बना दिया गया है।

कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव वैद्य मनोज गौड़ ने किया। ज्ञापन सौंपने वालों में हाकिम सिंह छौंकर, दीपक आर्य, राजा गौतम, अश्वनी शुक्ला, राजा बाबू, टिंकू धनगर, पंकज चौधरी, शैलेंद्र चौधरी, रवि वाल्मीकि, मनोज शर्मा, द्वारिका निषाद, कपिल यादव, आबाद मोहम्मद, नीरज चौधरी, हरीश पचौरी, हाशिम हुमेर, विजय लोधी, करण निषाद, दीपक दीक्षित, गीता दिवाकर, लक्ष्मण तोमर, अरविंद बिट्टू, आदित्य तिवारी, शाहिद, अनिल खरे, खुशीराम पटेल, राशिद, सोनू वर्मा, कसान रिज़वी, संदीप चौधरी, बलवीर, अनवार, अशोक निषाद, हर्ष चौरसिया, पीतम बघेल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top