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मान्यता का सच या भविष्य से खिलवाड़?

हाथरस। शहर के चर्चित विनायक इंटरनेशनल स्कूल को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और विद्यार्थियों को गहरे असमंजस में डाल दिया है। आरोप है कि विद्यालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मान्यता न होने के बावजूद हाईस्कूल (कक्षा 10) में छात्रों के प्रवेश ले लिए। जब बोर्ड परीक्षाओं का समय आया तो खुलासा हुआ कि विद्यार्थियों का पंजीकरण स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि मथुरा जनपद के एक विद्यालय से कराया गया है। स्थिति तब और हैरान करने वाली हो गई जब छात्रों को परीक्षा केंद्र भी मथुरा जिले में आवंटित कर दिया गया। अभिभावकों के अनुसार, परीक्षा के दिन बच्चों को पेपर शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले विद्यालय की गाड़ियों से मथुरा ले जाया जाता है। लंबी दूरी की यह भागदौड़ बच्चों पर मानसिक दबाव भी बढ़ा रही है। दबी जुबान में अभिभावक बताते हैं कि मथुरा के जिस विद्यालय से पंजीकरण कराया गया है, उसकी यूनिफॉर्म भी विद्यार्थियों से उनके स्वयं के खर्च पर सिलवाई गई। सवाल यह उठता है कि जब विद्यालय को कक्षा 10 की मान्यता ही नहीं थी, तो प्रवेश क्यों लिए गए? क्या अभिभावकों को पूरी सच्चाई बताई गई थी, या फिर भविष्य के सुनहरे सपनों के नाम पर भरोसे का सौदा किया गया? शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यदि मान्यता का सच छिपाकर छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया, तो यह न केवल नैतिक बल्कि प्रशासनिक सवाल भी खड़े करता है। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों से जवाबदेही अपेक्षित है। यदि बिना मान्यता प्रवेश लेकर छात्रों को दूसरे जिले से परीक्षा दिलवाई जा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब निगाहें सीबीएसई बोर्ड पर भी टिक गई हैं। क्या भविष्य में ऐसे विद्यालय को मान्यता दी जानी चाहिए, जो शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा हो? दबी जुबान में अभिभावकों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा के नाम पर किसी और बच्चे का भविष्य दांव पर न लगे।


इनका कहना है


“विनायक इंटरनेशनल स्कूल का कक्षा 10 के लिए सीबीएसई रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। यदि विद्यालय ने बिना रजिस्ट्रेशन के बच्चों को दसवीं में प्रवेश दिया है, तो यह नियम विरुद्ध है। इस मामले में संबंधित अधिकारी ही कार्रवाई कर सकते हैं।” –डॉ. जगदीश शर्मा, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई


“विनायक इंटरनेशनल स्कूल का सीबीएसई रजिस्ट्रेशन नहीं है। आवश्यक कार्रवाई संबंधित अधिकारी ही करेंगे।” – संत प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक

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