मथुरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा–2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में प्रधानाचार्यों को अंकेक्षक के रूप में लगाए जाने का उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में परिषद के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानाचार्यों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा को ज्ञापन सौंपा। परिषद का कहना है कि प्रदेश के प्रतिष्ठित एवं सम्मानित प्रधानाचार्यों को इस प्रकार अंकेक्षण कार्य में लगाना उनके पद की गरिमा एवं दायित्वों के विपरीत है।
परिषद के अध्यक्ष डॉ. अजय कृष्णा सारस्वत सहित डॉ. मनवीर सिंह, डॉ. दिनेश राणा, चंद्रभान सिंह यादव, डॉ. रूमा कुमारी, डॉ. रेनू बाला, केपी चौधरी, श्याम बाबू, प्रवीण कुमार, भगवती प्रसाद, राम बहादुर भदौरिया, शिव कुमार और डॉ. भुवनेश चौधरी सहित कई प्रधानाचार्य इस दौरान उपस्थित रहे। परिषद का स्पष्ट मत है कि प्रधानाचार्य का पद प्रशासनिक एवं शैक्षिक नेतृत्व से जुड़ा होता है, न कि अंकेक्षण कार्य के लिए। इसलिए इस निर्णय का सर्वसम्मति से विरोध किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर शीघ्र ही ब्रजेश पाठक के समक्ष भी विषय रखा जाएगा, ताकि प्रधानाचार्यों को इस कार्य से मुक्त रखने के लिए वार्ता की जा सके।





