मथुरा। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जनपद मथुरा में टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति देने के उद्देश्य से डैंपियर नगर स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) भवन में “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत” विषय पर भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति, मथुरा द्वारा किया गया, जिसमें स्वास्थ्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के 100 दिवसीय सघन क्षय रोग खोज अभियान के तहत जिले में किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। अभियान के अंतर्गत 5,93,609 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 5,60,916 उच्च जोखिम वाले लोगों की जांच हुई। इसके अलावा 1,35,057 एक्स-रे किए गए और 17,144 मरीजों को पोषण किट वितरित की गई। सभी संभावित मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण भी सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर जिले की 106 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करते हुए उनके ग्राम प्रधानों को गांधी जी की प्रतिमा, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें 16 ग्राम पंचायतों को गोल्ड, 28 को सिल्वर और 62 को ब्रॉन्ज श्रेणी में शामिल किया गया।
ब्लॉकवार उपलब्धि में नौहझील की 22, राया की 16, मांट की 13, बलदेव की 12, गोवर्धन की 9, नंदगांव की 5, चौमुहां की 7, फरह की 11, छाता की 10 और मथुरा-वृंदावन की 1 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर जांच और नियमित उपचार कराया जाए। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश राठौर ने “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत” की अवधारणा, चयन प्रक्रिया और मानकों पर प्रकाश डाला। एसीएमओ डॉ. रोहताश ने जनसहभागिता पर जोर देते हुए लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन अखिलेश कुमार दीक्षित ने किया। इस दौरान सोनू गोयल, शिव कुमार, बिहारी लाल, नवल किशोर, दुष्यंत गुर्जर, लोकेंद्र सिंह, अनिल कुमार, पंकज यादव, राजेश कुमार, श्याम बाबू शुक्ला, अनूप सिंह, मुकेश कुमार, लाखन, आकाश, योगेश, महेंद्र सहित अनेक स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।





