मथुरा (श्याम बिहारी भार्गव)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के प्राकट्य उत्सव श्री राम नवमी के अवसर पर कान्हा की क्रीड़ास्थली ब्रजभूमि राममय हो उठी। वृंदावन-छटीकरा मार्ग स्थित श्री राधानंद गिरी आश्रम में प्रभु श्री राम के विग्रह एवं चित्रपट का विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। दीप प्रज्वलन और पुष्पमालार्पण के बीच भक्तों ने समष्टिगत कल्याण, राष्ट्र की सुदृढ़ता और संपूर्ण मानव जाति के मंगल की कामना की।
इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्मभूमि के याचिकाकर्ता दिनेश फलहारी महाराज ने प्रभु के श्रीचरणों में वंदना करते हुए कहा कि श्री राम भारतीय चेतना के प्राण हैं और प्रत्येक जन के हृदय में उनका शाश्वत वास है। उन्होंने कहा कि दशकों तक चले राम जन्मभूमि आंदोलन के त्याग और संघर्ष का परिणाम है कि आज अयोध्या धाम में भव्य मंदिर में रामलला विराजमान हैं, जो सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर श्री राधानंद गिरी महाराज ने भगवान श्री राम के वनवास काल का स्मरण करते हुए उनके जीवन को त्याग और तितिक्षा का आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि 14 वर्षों का वनवास और प्रकृति के सान्निध्य में की गई साधना हमें संयम और प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है।
ब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शिरोमणि श्री बिहारी लाल वशिष्ठ ने कहा कि मानव जीवन में राम नाम की महत्ता जन्म से लेकर अंत तक बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के दो प्रमुख आधार स्तंभ भगवान राम और श्री कृष्ण हैं और अब समय है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भी भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर श्री रामदास जी महाराज, पंडित राजेश शास्त्री, आचार्य गोविंद त्रिपाठी, रामानुज जुगल किशोर, गिरराज शरण, बालकृष्ण शर्मा, देवेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, सोनू तिवारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।





