श्याम बिहारी भार्गव: मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा राममय हो उठी, जहां हर वर्ष की भांति इस बार भी प्राचीन श्री रामचंद्र मंदिर, घीया मंडी से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा राष्ट्रीय भगवा दल रजि. व श्री रामचन्द्र जन्म महोत्सव समिति रजि. के तत्वाधान में निकाली गई। सर्वप्रथम वृन्दावन से आए साधु-संतों द्वारा भगवान श्रीराम की आरती उतारकर विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। यह भव्य शोभायात्रा घीया मंडी से प्रारंभ होकर स्वामी घाट, छत्ता बाजार, होली गेट, भरतपुर गेट होते हुए पुनः प्राचीन रामचंद्र जी मंदिर पहुंचकर आरती के साथ संपन्न हुई।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और आरती उतारी। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां, भजन-कीर्तन और आकर्षक धार्मिक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। साथ ही युवा वर्ग में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। पहली झांकी भगवान श्री गणेश की रही, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आयोजकों के अनुसार इस बार शोभायात्रा को और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था और शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस अवसर पर शहर के अनेक समाजसेवी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में जय श्रीराम के जयकारे लगाए। आयोजकों ने बताया कि यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश देती है। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मंदिर समिति एवं शोभायात्रा समिति को जिला प्रशासन का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।
शोभायात्रा में श्रीमती मधु शर्मा, राजनारायण गौड़, हेमंत खंदौली, शशिभानु गर्ग, योगेश द्विवेदी, यज्ञ दत्त कौशिक, अजय खंडेलवाल, योगेश भारद्वाज, सुभाष चंद्र अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल, धर्मवीर अग्रवाल, धनंजय भारद्वाज, बसंत खंडेलवाल, संजय अग्रवाल, श्याम बिहारी भार्गव, अमित भार्गव, निक्की उपाध्याय, अनूप अग्रवाल, दक्ष गोयल, आशीष अग्रवाल, अरुण रावत, प्रदीप वर्मा, हरीश चौबे, विशाल वर्मा, केके भारद्वाज, धार्मिक भारद्वाज, बंटी खंडेलवाल, राजू गुप्ता, सचिन गौड़, शुभ सक्सेना, अर्पित पंडित, नीशू, प्रतीक, आकाश, हेमंत शर्मा, अंकुर भारद्वाज, प्रह्लाद भार्गव सहित अनेक रामभक्त मौजूद रहे।





