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बागपत को मिलेंगे विकास के पंख, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बढ़ेगी रफ्तार

विश्व बंधु शास्त्री: बागपत। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लोकार्पण के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की नई कहानी शुरू हो गई है। अब तक गुरुग्राम और नोएडा तक सीमित विकास का दायरा आगे बढ़ेगा और इसका सीधा असर बागपत में भी दिखाई देगा। आने वाले समय में यहां निवेश बढ़ेगा और हर क्षेत्र में बदलाव देखने को मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में विकास का मानचित्र बदलता नजर आएगा। नोएडा से जेवर होते हुए पश्चिमी यूपी तक एक नया विकास गलियारा बनेगा, जिसमें बागपत एक अहम कड़ी के रूप में उभरेगा। अब बागपत इस नए विकास के केंद्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगा। बागपत की सबसे बड़ी ताकत उसकी कनेक्टिविटी है, जो अब उसका सबसे बड़ा लाभ बनेगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे मार्ग पहले से ही इसे एनसीआर से जोड़ते हैं। अब जेवर एयरपोर्ट के जुड़ने से बागपत दो बड़े एयरपोर्ट—दिल्ली और जेवर—के बीच आ जाएगा। इससे माल ढुलाई बढ़ेगी, ट्रैफिक मूवमेंट तेज होगा और बागपत व्यापार व लॉजिस्टिक्स के नए केंद्र के रूप में उभरेगा।

खेती-किसानी के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बागपत के किसान अब केवल स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रहेंगे। गन्ना, सब्जी और डेयरी उत्पाद एयर कार्गो के जरिए देश-विदेश तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। धीरे-धीरे किसान आधुनिक खेती और निर्यात की ओर बढ़ेंगे और बागपत वैश्विक बाजार से जुड़ता नजर आएगा। स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिलेगी। जिले के प्रमुख उत्पाद अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं को नई गति मिलेगी और कारीगरों व उद्यमियों को बड़ा बाजार मिलेगा।

उद्योगों के लिए भी बागपत नया विकल्प बनकर उभरेगा। नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में जमीन महंगी होने के कारण उद्योग अब किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करेंगे। बागपत इस दृष्टि से मजबूत स्थिति में रहेगा। यहां छोटे और मध्यम उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तेजी आएगी और बागपत का शहरी स्वरूप बदलता नजर आएगा। युवाओं के लिए यह एयरपोर्ट बड़ा अवसर लेकर आया है। जेवर एयरपोर्ट और उससे जुड़े उद्योगों के कारण हजारों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। अब युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने जिले में ही रोजगार पा सकेंगे। एविएशन, होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर में नए अवसर खुलेंगे।

बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। बाहरी लोगों का आवागमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को लाभ होगा और बाजारों में रौनक बढ़ेगी। यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस है। प्रारंभिक चरण में लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता, भविष्य में 7 करोड़ तक विस्तार, 2.5 लाख टन से 15 लाख टन तक कार्गो क्षमता, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, डिजियात्रा जैसी डिजिटल सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स हब इसे प्रदेश का आर्थिक इंजन बनाते हैं। ग्रीन एनर्जी और नेट जीरो एमिशन पर आधारित यह एयरपोर्ट पर्यावरण के अनुकूल भी है।

आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार यह परियोजना उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह एयरपोर्ट 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक योगदान देगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच को मजबूत करेगा। जनपद बागपत के लिए यह एयरपोर्ट एक बड़ा अवसर साबित होगा। उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश और रोजगार बढ़ेंगे तथा जिले की पहचान बदलेगी। अब जेवर एयरपोर्ट विकास का इंजन बनेगा और बागपत उसकी रफ्तार के साथ आगे बढ़ेगा।

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