रायबरेली। 31 मार्च को मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता ने अस्थायी गौ संरक्षण केंद्र पचखरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के समय मुख्य द्वार के पास गोबर के एकत्रित होने पर उन्होंने निर्देश दिए कि इसे व्यर्थ न जाने दिया जाए, बल्कि पास में गड्ढा बनाकर एकत्रित कर जैविक खाद तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इस खाद को किसानों को भूसे के बदले या उचित मूल्य पर विक्रय किया जाए तथा प्राप्त धनराशि को गौशाला के खाते में जमा कर गोवंश के भरण-पोषण पर व्यय किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि पानी भराव वाले स्थानों के आसपास खड़ंजा लगाया जाए, जिससे आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केंद्र से संबंधित सभी अभिलेख एवं पंजिकाएं प्रतिदिन पूर्ण रूप से अद्यतन की जाएं। इसके अतिरिक्त, केंद्र के संचालन में जनसहभागिता बढ़ाने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कुलदीप द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





