चकिया, चंदौली। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बैनर तले उपजिलाधिकारी परिसर में श्रमिकों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए ग्रेटर नोएडा के श्रमिकों के पक्ष में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि 300 से अधिक बंद श्रमिकों को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके ऊपर रासुका या अन्य फर्जी मुकदमे लगाना बंद किया जाए। साथ ही चार लेबर कोड को रद्द करने, कार्य दिवस 8 घंटे निर्धारित करने और न्यूनतम दैनिक मजदूरी 1000 रुपये तय करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने सीटू द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन भी व्यक्त किया।
सभा और जुलूस में माकपा नेता परमानंद मौर्य, लालचंद सिंह एडवोकेट, राजेंद्र यादव, नंदलाल, रामविलास विश्वकर्मा, शत्रुघ्न चौहान, बड़े लाल, काशी बिंद, जुम्मन खान, धर्मराज साहनी, कन्हैया लाल सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन सौंपते समय वक्ताओं ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी और मजदूरों के जायज सवालों को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया तो माकपा व्यापक आंदोलन करेगी। साथ ही चंदौली में सीटू के नेताओं रामप्यारे और महानंद को हाउस अरेस्ट किए जाने की कार्रवाई की निंदा की गई।





