ऊंचाहार, रायबरेली। कहा जाता है कि एक छोटी सी लौ भी घनघोर अंधेरे को दूर कर सकती है। इस कहावत को साकार कर रही हैं ऊंचाहार क्षेत्र की युवा समाजसेवी प्रतिमा मौर्य, जो शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। रायबरेली जिले के सवैया धनी गांव के पूर्व प्रधान राजेश मौर्य की पुत्री ट्विंकल अपने पितामह रामनाथ सेठ से प्रेरणा लेकर गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए जागरूक कर रही हैं। उनका मानना है कि शिक्षा जीवन का मूल आधार है, जो न केवल ज्ञान और कौशल प्रदान करती है बल्कि व्यक्ति के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत बनाती है।
इसी उद्देश्य को लेकर ट्विंकल ने विकासखंड डीह के उच्च प्राथमिक विद्यालय पोठई में मेधावी छात्र-छात्राओं को स्टेशनरी सामग्री वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। यह कार्य सेठ राम मौर्य ट्रस्ट के माध्यम से किया गया, जो उनके पितामह की स्मृति में स्थापित है और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ट्विंकल का कहना है, “मेरे बाबा ने सामाजिक चेतना की जो अलख जगाई थी, उसे आगे बढ़ाना मेरा कर्तव्य है। मैं चाहती हूं कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके। शिक्षा ही वह प्रकाश है जो हर अंधकार को दूर कर सकता है। मेरा सपना है कि पूरे रायबरेली जिले में कोई भी बच्चा अशिक्षित न रहे।”
उनकी यह पहल न केवल बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित कर रही है, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की एक नई दिशा भी दे रही है।










