महराजगंज, रायबरेली। महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंड्री कॉलेज में प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा बुद्ध जयंती और श्रमिक दिवस संयुक्त रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महात्मा बुद्ध के चित्र पर प्रधानाचार्य कमल बाजपेयी के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रधानाचार्य कमल बाजपेयी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में जब हिंसा और अशांति का अंधकार फैलता है, तब शांति और अहिंसा का संदेश देने के लिए किसी महापुरुष का अवतरण होता है। उन्होंने महात्मा बुद्ध के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म लुम्बिनी में राजा शुद्धोधन और रानी माया के घर हुआ था। जन्म के समय ही माता का निधन हो गया, जिसके बाद उनका पालन-पोषण विमाता प्रजावती ने किया।
उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ (बुद्ध का बचपन का नाम) बचपन से ही संसार से विरक्त रहने लगे और अंततः तपस्या के माध्यम से ज्ञान प्राप्त कर ‘बुद्ध’ कहलाए। उन्होंने अहिंसा और श्रेष्ठ आचरण के संदेश का प्रचार भारत सहित चीन, जापान, तिब्बत और नेपाल जैसे देशों में किया। श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रधानाचार्य ने कहा कि श्रमिक किसी भी राष्ट्र की प्रगति की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक सर्वहारा नहीं बल्कि समृद्ध राष्ट्र के निर्माता हैं, क्योंकि उनके परिश्रम से ही देश का विकास संभव होता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी श्रमिकों के योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए और उन्हें राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताया।





