श्याम बिहारी भार्गव: मथुरा। ब्रज चौरासी कोस यात्रा मार्ग में अंडा, मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संत समाज ने समर्थन जताया है। फलाहारी महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ब्रज क्षेत्र को मांस-मदिरा मुक्त घोषित करने की अपील की है। पत्र में फलाहारी महाराज ने लिखा है कि मुख्यमंत्री सनातन हिंदुओं के गौरव हैं और गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं, इसलिए वे बृजवासियों की भावनाओं को भली-भांति समझ सकते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि संपूर्ण ब्रज भूमि क्षेत्र में अंडा, मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।
उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि ब्रजभूमि वह पवित्र स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाएं, माखन चोरी लीला और महारास रचाया था। ऐसे पावन क्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री को अनुचित बताया गया है। फलाहारी महाराज के अनुसार यदि ब्रजभूमि में मांस-मदिरा की बिक्री जारी रहती है तो इससे धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है, गोमाता की भावनाएं आहत होती हैं तथा संतों की साधना में बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज सहित कई संत और साधु समाज भी ब्रज भूमि को मांस-मदिरा मुक्त देखना चाहते हैं। साध्वी इंदुलेखा, महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज सहित अनेक संतों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।





