मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अब आस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं का बेहतर अनुभव मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वृन्दावन में यमुना नदी के दाहिने तट पर स्थित पौराणिक अक्रूर घाट के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 6.35 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रथम चरण में 3.17 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
परियोजना के अंतर्गत अक्रूर घाट पर व्यापक विकास कार्य कराए जाएंगे। घाट की सुरक्षा और मजबूती के लिए 30 मीटर लंबाई में 14 मीटर चौड़ाई तथा 5 मीटर गहराई तक शीट पाइलिंग की जाएगी। दोनों शीट पाइल को जोड़ने के लिए प्रत्येक 3 मीटर पर 45 एमएम व्यास की एंकर बार लगाई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 मीटर चौड़ा स्नान प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। घाट की सीढ़ियों और पटरे का निर्माण लाल पत्थर से कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 220 मीटर लंबा चैनल खोदा जाएगा तथा अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम हिस्सों में स्लोप पिचिंग का कार्य कराया जाएगा।
अक्रूर घाट का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि जब अक्रूर जी भगवान श्रीकृष्ण और बलराम को लेकर मथुरा जा रहे थे, तब इसी स्थान पर यमुना स्नान के दौरान उन्हें भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप में श्रीकृष्ण और बलराम के दिव्य दर्शन हुए थे। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। मथुरा रेलवे स्टेशन और नए बस स्टैंड से अक्रूर घाट की दूरी क्रमशः लगभग 16 और 15 किलोमीटर है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां पहुंचने में सुविधा होगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में मथुरा-वृन्दावन को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रज में आयोजित रंगोत्सव, कृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी जैसे आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। रंगोत्सव-2026 के मुख्य आयोजनों में 44 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक ब्रज पहुंचे, जो इस क्षेत्र की वैश्विक लोकप्रियता और आध्यात्मिक आकर्षण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अक्रूर घाट का निर्माण और सौंदर्यीकरण ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाएगा।





