हाथरस। 20 मई 2026 को कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में प्रस्तावित अखिल भारतीय प्रधान संगठन की प्रदेशव्यापी रैली से पहले प्रदेशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रैली की तैयारियों और प्रधानों की बढ़ती लामबंदी के बीच प्रदेश सरकार द्वारा राजधानी लखनऊ में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दिए जाने को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रैली को लेकर लखनऊ समेत कई जनपदों में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं विभिन्न जिलों में प्रधान संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रधान संगठनों का आरोप है कि बड़ी संख्या में प्रधानों को रैली में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें घरों में नजरबंद किया जा रहा है। हाथरस में भी कई प्रधान पदाधिकारियों के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है। हाथरस में जिलाध्यक्ष राजकुमार प्रधान, विधानसभा अध्यक्ष सादाबाद महाराज सिंह प्रधान, ब्लॉक अध्यक्ष सादाबाद श्यामवीर सिंह प्रधान तथा धर्मेन्द्र कुमार प्रधान तामसी को उनके घरों में नजरबंद किए जाने का दावा किया गया है।
प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने जा रहे जनप्रतिनिधियों को रोकना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उनका आरोप है कि रैली में उमड़ने वाली भीड़ और प्रधानों की एकजुटता से सरकार चिंतित है, इसलिए प्रशासनिक दबाव बनाकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।





