फिरोजाबाद। नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में अनियमितताओं, पक्षपातपूर्ण कार्यशैली तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर गांधी पार्क में सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। कांच एवं चूड़ी मजदूर सभा के महामंत्री रामदास मानव ने आरोप लगाया कि नगर निगम में लंबे समय से विकास कार्यों में अनियमितताएं, जातीय भेदभाव, पक्षपातपूर्ण कार्यशैली और वित्तीय गड़बड़ियां व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम सदन का नियमित अधिवेशन नहीं बुलाया जाता तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है। शासन से प्राप्त विकास निधि का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है और ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में भी अनियमितताओं की आशंका बनी हुई है।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने नगर निगम द्वारा पिछले तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर के सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। साथ ही जलकल विभाग और कार्यशाला में कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 5 जून तक शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित नहीं की गई तो 6 जून को फिरोजाबाद से साइकिल एवं मोटरसाइकिल यात्रा शुरू की जाएगी, जो 8 जून को लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे प्रकरण से अवगत कराएगी।
धरने में भाजपा पार्षद ऊषा देवी शंखवार द्वारा हाल ही में कराए गए विरोध स्वरूप मुंडन का भी उल्लेख किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे नगर निगम प्रशासन के प्रति जनप्रतिनिधियों की नाराजगी का प्रतीक बताया। धरना समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। ज्ञापन में नगर निगम के विकास कार्यों, वित्तीय लेनदेन, टेंडर प्रक्रिया तथा कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई। धरना देने वालों में हाकिम सिंह निमौरिया, विकास चंद्र वाल्मीकि, प्रवीण उमराय, तारा चंद्र शंखवार, शांतिदास शंखवार, नरेश चंद्र शंखवार, अवनीश कोली, अभय कबीरपंथी, शिशुपाल अधिवक्ता, कैलाश सविता, हरिओम, बलराम तथा जयसिंह प्रजापति सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





