फिरोजाबाद। लेबर कॉलोनी स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामकथा एवं श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास सीताराम शरण महाराज ने भगवान शिव और कामदेव से जुड़ी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि माता पार्वती की इच्छा पर कामदेव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या भंग करने का प्रयास किया। इससे भगवान शिव का तीसरा नेत्र खुल गया और उसकी ज्वाला से कामदेव भस्म हो गए। इसके बाद कामदेव की पत्नी रति ने भगवान शिव से प्रार्थना की। तब भगवान शिव ने उन्हें वरदान देते हुए कहा कि द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण धरती पर अवतार लेंगे, तब कामदेव उनके पुत्र के रूप में पुनर्जन्म लेंगे।
कथा के दौरान गंगा अवतरण की कथा का भी वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि राष्ट्र से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उन्होंने भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए बताया कि वनवास के लिए जाते समय भगवान राम अपने साथ अयोध्या की पवित्र मिट्टी लेकर गए थे और सर्वप्रथम उसी का पूजन किया था। इससे मातृभूमि और राष्ट्र के प्रति सम्मान का संदेश मिलता है।
इस अवसर पर मंदिर महंत रमेश आनंद गिरी, श्रीनिवास शर्मा, पंकज भारद्वाज, राकेश त्रिपाठी, सुनील वर्मा, लक्ष्मीकांत शुक्ला, श्यामू पांडे, मुकेश शुक्ला, मोहित सिंह, धीरज गुप्ता, अनार सिंह यादव, मधुरिमा वशिष्ठ, मीरा गुप्ता, ओमलता सिंह, सुनीता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।





