फिरोजाबाद। डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हाल ही में डीजल के दाम में लगभग 7 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल के दाम में करीब 6 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि होने से परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसका सीधा प्रभाव ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ आम जनमानस पर भी पड़ रहा है। चूड़ी ट्रांसपोर्ट ऑल इंडिया एसोसिएशन की बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भाड़े में कम से कम 15 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि टोल टैक्स, रोड टैक्स, वाहन मेंटेनेंस तथा अन्य संचालन संबंधी खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जबकि भाड़े की दरों में उसके अनुरूप वृद्धि नहीं हुई है।
बैठक में बताया गया कि विशेष रूप से बाहरी व्यापारी भाड़ा बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे प्रति वाहन 3,000 से 4,000 रुपये तक का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में बाहरी वाहनों को सीमित मात्रा में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे परिवहन कार्य प्रभावित हो रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य जनपदों में आरटीओ विभाग द्वारा चूड़ी लोडिंग वाहनों के अनावश्यक चालान किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि चूड़ी हल्के वजन की वस्तु होने के साथ-साथ सुहाग का प्रतीक भी है, इसलिए ऐसे वाहनों को विशेष राहत प्रदान की जानी चाहिए।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ट्रांसपोर्टर सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें किसी प्रकार की राहत या सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार से डीजल मूल्य वृद्धि से राहत देने, डीजल की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने की मांग की। बैठक में सरफराज अहमद, राहुल कुमार, राजू भाई, लतीफ, नारायण प्रभात, कपिल गोयल, चिंटू शर्मा, मनोज गोयल, सुधीर, अशोक प्रधान, अशफाक अहमद, सुनील अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, चंद्रपाल हरपाल, अभय और बबलू दिवाकर सहित अन्य ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे।





