कानपुर। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के तत्वावधान में प्रदेश कार्यालय 778, अम्बेडकर पुरम आवास विकास, कल्याणपुर में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्मचारी एवं पेंशनर्स संघ के अध्यक्ष बी.एल. गुलाबिया ने की, जबकि संचालन संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार उर्फ पप्पू ताराचंद ने किया। सभा में वक्ताओं ने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक स्थिति को लेकर विचार रखे। प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि देश में समानता की भावना पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाई है और आज भी ऊंच-नीच जैसी मानसिकता देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सैनिक देश की सुरक्षा करते हैं, उसी प्रकार सफाई कर्मचारी बिना किसी भेदभाव के समाज को स्वच्छ रखकर जीवन रक्षा का कार्य करते हैं, फिर भी उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिलता।
बहुजन विचारक पी.सी. कुरील ने कहा कि अब समय आ गया है कि अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर संघर्ष की रणनीति तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारों को कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। लखनऊ से आई युवा महिला नेता विधा गौतम ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति के आगे दुनिया झुकती है, इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षित हैं, लेकिन उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
वहीं छेदी खोटे ने दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में बी.एल. गुलाबिया ने कहा कि भारत एवं राज्य सरकारों को सफाई कर्मचारियों को ‘सफाई सैनिक’ का दर्जा देकर सम्मानित करना चाहिए तथा उनका वेतन भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में मनोज भटनागर, पी.सी. कुरील, विधा कुरील, वी.एन. पाल, रमाकांत वर्मा, प्रमोद कुरील (पूर्व राज्यसभा सदस्य), राशिद जमील, चंदन यादव, अनिल बाघमार, शशि सिंह बौद्ध, सतीश गौतम, विधा सागर, बृज लाल भारतीय, कौशल बाल्मीकि, विजय नागवंशी, संतोष वर्षा, छेदी खोटे, अजय कुमार बाल्मीकि, बिन्दा प्रसाद, रविंद्र कुमार मधुर, विजय टेकला सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।





