हाथरस। विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत जटोई में सरकारी हैंडपंपों की बोरिंग में समरसेबल पंप डालकर किए गए कथित निजी कब्जों के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को ग्राम प्रधान सुखबीर सिंह ने पंचायत सहायक रुकमेश कुमार के साथ गांव के सरकारी हैंडपंपों का निरीक्षण किया तथा उनकी स्थिति का सत्यापन कर फोटो भी खिंचवाई। जानकारी के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश चौधरी ने मई माह में सरकारी हैंडपंपों पर अवैध कब्जे किए जाने की शिकायत प्रशासन से की थी। शिकायत के आधार पर ग्राम पंचायत द्वारा मामले में कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
ग्राम प्रधान सुखबीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने सरकारी हैंडपंपों की बोरिंग में समरसेबल पंप स्थापित कर रखे हैं, उन्हें तीन दिन के भीतर स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा न हटाने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत सचिव आशीष कुमार ने बताया कि शिकायत के संदर्भ में सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचित कर दिया गया है कि वे तीन दिन के भीतर सरकारी हैंडपंपों को कब्जामुक्त कर दें। उन्होंने कहा कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी यदि समरसेबल नहीं हटाए गए तो पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी स्थिति यथावत रहने पर पुलिस बल की मौजूदगी में सरकारी हैंडपंपों को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
शिकायतकर्ता कैलाश चौधरी ने कहा कि शिकायत का उद्देश्य सरकारी संसाधनों को आम ग्रामीणों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि आंधी, तूफान या अन्य कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में सरकारी हैंडपंप ही ग्रामीणों के लिए पेयजल का प्रमुख साधन होते हैं। ऐसे समय में अधिकांश हैंडपंपों पर निजी कब्जे होने के कारण पूरे गांव को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से गांव के सभी सरकारी हैंडपंपों को कब्जामुक्त कराकर सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।




