डलमऊ, रायबरेली। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बप्पा देवतादीन अग्रहरि आईटीआई, शंकर नगर, मुराई बाग में योगाभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रसिद्ध योगाचार्य आनंद एवं संस्थान के प्रबंधक राजेंद्र वैश्य ने महर्षि पतंजलि द्वारा रचित प्रसिद्ध योगसूत्र “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” का व्याख्यान करते हुए योग के वास्तविक स्वरूप को समझाया। उन्होंने बताया कि योग मन की चंचल वृत्तियों को नियंत्रित करने की प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करती है।
संस्थान के संरक्षक राम निवास वैश्य ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” का उल्लेख करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। उन्होंने सभी लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। योगाचार्य आनंद ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए प्रतिभागियों को योग के स्वास्थ्य लाभों से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया। इस अवसर पर संस्थान के प्रधानाचार्य कीर्तिमान वैश्य, अनुदेशक शक्तिमान, राम बिहारी बाजपेयी, शैलेन्द्र, जितेंद्र, दुर्गेश, महेंद्र, आशुतोष सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





