फिरोजाबाद। ग्राम शाहपुर में आयोजित पितृ मोक्षार्थ श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास रसराज दास महाराज ने श्रद्धालुओं को सृष्टि वर्णन, वाराह अवतार एवं ध्रुव चरित्र की कथा का श्रवण कराया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो गए। कथा व्यास ने शुकदेव एवं राजा परीक्षित के संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भगवान के नाम, कथा एवं भक्ति में समर्पित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है और इसी मार्ग से भगवत प्राप्ति संभव है।
वाराह अवतार का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पृथ्वी को समुद्र से बाहर निकालकर समस्त सृष्टि की रक्षा की। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों एवं धर्म की रक्षा के लिए समय-समय पर विभिन्न अवतार धारण करते हैं। कथा के दौरान महर्षि कर्दम एवं माता देवहूति के विवाह, भगवान कपिलदेव के अवतार तथा कपिलोपाख्यान का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान कपिल ने सांख्य दर्शन और भक्ति के माध्यम से आत्मकल्याण का दिव्य मार्ग बताया। भक्त ध्रुव की कठोर तपस्या का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर ध्रुव को दर्शन दिए और उन्हें आकाश मंडल में ध्रुव तारे के रूप में अमर स्थान प्रदान किया। कथा में यजमान दिलीप यादव एडवोकेट एवं इंजीनियर गजेन्द्र यादव सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





