♦ नई तकनीकों से बढ़ेगी उपज: डीएम
♦ एग्रीजंक्शन के 10 नए केंद्र भी खुलेंगे
कानपुर। जनपद में किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कृषि तकनीकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन की गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 में संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ वर्ष 2026-27 की जिला कार्ययोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक एवं गो-आधारित कृषि से तैयार उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। ऐसे उत्पादों के विक्रय के लिए जनपद में एक समर्पित बिक्री केंद्र विकसित किया जाएगा, जहां किसान बिना किसी मध्यस्थ के अपने प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों का सीधे विक्रय कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसान प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई वैज्ञानिक तकनीकों को अपने खेतों में अवश्य अपनाएं। नई तकनीकों के प्रयोग से उत्पादन और आय, दोनों में वृद्धि संभव है।
आत्मा योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की जिला कृषि कार्ययोजना के लिए 268.15 लाख रु. की स्वीकृति दी गई। इसके तहत किसानों के खेतों पर विभिन्न फसलों के प्रदर्शन, फार्म स्कूलों के माध्यम से प्रशिक्षण तथा जनपद, प्रदेश और अंतरराज्यीय भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (न्यूट्रीसीरियल एवं कोर्स सीरियल) के अंतर्गत 83.10 लाख रु. की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। इस राशि से क्लस्टर प्रदर्शन, प्रमाणित बीज वितरण, सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग, एकीकृत कीट प्रबंधन, फसल आधारित प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम तथा स्थानीय नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में मिशन फॉर आत्मनिर्भर इन पल्सेज के लिए 73.87 लाख रु. तथा उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार योजना के लिए 8.40 लाख रु. की कार्ययोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबी योजना (एग्रीजंक्शन) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 10 नए कृषि सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए लाभार्थियों का चयन किया गया।
बैठक में प्रगतिशील किसान रघुनाथ सिंह द्वारा भिंडी एवं केला उत्पादन, नेहा पाण्डेय फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, चौबेपुर द्वारा गोबर से 135 प्रकार के उत्पाद तैयार करने एवं प्राकृतिक खेती, तथा जय बजरंगबली स्वयं सहायता समूह, शिवराजपुर की अध्यक्ष कुसुमा देवी द्वारा अगरबत्ती निर्माण के कार्यों की जानकारी दी गई। शिवराजपुर निवासी मक्का एवं आलू उत्पादक कमल किशोर ने भी अपने अनुभव साझा किए।
जिलाधिकारी ने किसानों के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सफल मॉडलों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर अपनी आय बढ़ा सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, उप कृषि निदेशक डॉ. आर.एस. वर्मा, जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह सहित कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा गवर्निंग बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।
किसानों को आधुनिक खेती का मिलेगा प्रशिक्षण





