गुजरात। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा है कि भारतीय डाक अब केवल पत्राचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और नागरिकों के बीच भरोसेमंद सेतु बनकर विभिन्न जनकल्याणकारी और शासकीय सेवाओं को आम लोगों तक पहुँचा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के दौर में भी डाककर्मी वितरण व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं। कठिन मौसम और विषम परिस्थितियों में भी पोस्टमैन प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पत्र, स्पीड पोस्ट, पार्सल, ई-कॉमर्स उत्पाद और मेडिकल सप्लाई की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करते हैं।
कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आज डाक सेवाओं के माध्यम से आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक चेक बुक, एटीएम कार्ड, पीएम विश्वकर्मा टूल किट सहित अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री घर-घर तक पहुँचाई जा रही है। “डाक सेवा, जन सेवा” के संकल्प के साथ भारतीय डाक ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सरल बना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात डाक परिमंडल में 3,300 से अधिक पोस्टमैन और 8,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवक कार्यरत हैं, जो प्रतिमाह लाखों स्पीड पोस्ट और करोड़ों पत्रों का वितरण करते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पूरे देश में डाक का ट्रैफिक 3.92 अरब से अधिक दर्ज किया गया।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि “डाकिया डाक लाया” के साथ अब “डाकिया बैंक लाया” भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक अब स्मार्टफोन आधारित डिजिटल उपकरणों के जरिए डीबीटी, ई-केवाईसी, जन सुरक्षा योजनाएं, आधार सेवाएं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-श्रम कार्ड, वाहन बीमा और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जैसी सेवाएं भी घर-घर पहुँचाते हैं। उन्होंने बताया कि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से नागरिकों को उनके बैंक खातों से नकद उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी जा रही है। ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में डाक सेवाएं आज भी सबसे विश्वसनीय माध्यम बनी हुई हैं। कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि भारतीय डाक विश्वास, संवाद और सुविधा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।





