बागपत। स्वयंसेवा और सामाजिक नेतृत्व के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने के मिशन में जुटे माय भारत युवा स्वयंसेवक अमन कुमार के प्रयासों की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने सराहना की। राजस्थान स्थित बाल आश्रम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सत्यार्थी समर स्कूल के दौरान अमन ने उन्हें हमारा बागपत नवाचार पुस्तक भेंट कर युवाओं की भागीदारी से किए जा रहे सामाजिक कार्यों और नवाचारों की जानकारी दी। इस अवसर पर कैलाश सत्यार्थी ने करुणा को सामाजिक परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए अमन को युवाओं के बीच निरंतर कार्य करते रहने का संदेश दिया।
जनपद के ट्यौढ़ी गाँव निवासी युवा अमन कुमार को इस वर्ष सत्यार्थी समर स्कूल में विशेष आमंत्रण मिला है। पिछले वर्ष वह इस कार्यक्रम में प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए थे। सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन ने उनके सामाजिक नेतृत्व, स्वयंसेवा और युवाओं के साथ किए गए कार्यों को देखते हुए इस बार उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया। तीन सप्ताह के इस आवासीय कार्यक्रम में भारत सहित विभिन्न देशों से चुनिंदा युवा सामाजिक नेतृत्व, करुणा और सामुदायिक बदलाव जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मुलाकात के दौरान अमन कुमार ने कैलाश सत्यार्थी को हमारा बागपत पुस्तक के माध्यम से जनपद में करुणामय दृष्टिकोण के साथ युवाओं की भागीदारी से किए जा रहे विभिन्न सामाजिक प्रयासों और नवाचारों से परिचित कराया। पुस्तक में आईएएस जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में संचालित विभिन्न अभियानों एवं प्रोजेक्ट्स का उल्लेख है जिनके द्वारा बागपत जनपद नवाचार एवं सुशासन के संगम से विकास के नए मॉडल पर आगे बढ़ रहा है।
साथ ही उन्होंने उनको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्राप्त स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार की प्रतिमा को बागपत की युवा शक्ति के लिए जनधरोहर के रूप में समर्पित करने के अपने निर्णय की जानकारी दी। अमन ने बताया कि इस निर्णय की प्रेरणा उन्हें कैलाश सत्यार्थी के उस ऐतिहासिक कदम से मिली, जब उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक राष्ट्र को समर्पित किया। अमन के इस निर्णय की कैलाश सत्यार्थी ने सराहना की और करुणा की शक्ति के साथ गांव, समाज और युवाओं के बीच निरंतर कार्य करते रहने का मार्गदर्शन दिया।
वर्तमान में अमन कुमार सत्यार्थी यूथ नेटवर्क में अभियान प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वह माय भारत के स्वयंसेवक के रूप में शिक्षा, छात्रवृत्ति, करियर अवसरों, स्वयंसेवा और सामाजिक नवाचारों से युवाओं को जोड़ने का कार्य भी कर रहे हैं।
अमन का कहना है कि सत्यार्थी समर स्कूल से मिले अनुभव और कैलाश सत्यार्थी का मार्गदर्शन उनके लिए एक नई जिम्मेदारी है। अब उनका प्रयास रहेगा कि करुणा, स्वयंसेवा और जनभागीदारी की इस सोच को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाकर उन्हें शिक्षा, अवसरों और सामाजिक नेतृत्व से जोड़ा जाए, ताकि गांवों से निकलने वाले युवा अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव के सहभागी बन सकें।
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विश्व बंधु शास्त्री





