रायबरेली। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने रायबरेली दौरे के दौरान विकास, प्रशासनिक जवाबदेही और जनसेवा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऊंचाहार उनके लिए राजनीति का अखाड़ा नहीं, बल्कि सेवा का मंदिर है और जनता के विश्वास को बनाए रखना ही उनकी प्राथमिकता है। कैबिनेट मंत्री ने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दैवीय आपदाओं के दौरान उनके क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ, कई स्थानों पर जनहानि भी हुई, लेकिन ऐसे कठिन समय में जनता के बीच रहकर सेवा करना ही उनका दायित्व रहा। उन्होंने कहा कि रायबरेली उनकी संघर्षों की भूमि है और यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं, शिल्पकारों और आम जनता का योगदान रहा है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में तीन दिनों के प्रवास के दौरान पूर्वांचल, बुंदेलखंड, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हजारों लोगों ने उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि करीब तीन दशक के राजनीतिक जीवन में जनता और संगठन ने हर संघर्ष में उनका साथ दिया है। इसी ताकत के बल पर वह प्रदेश के विकास और जनहित के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि थानों में फरियाद लेकर आने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत दी।
डॉ. पांडेय ने देश की सुरक्षा और आंतरिक हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय कांग्रेस शासन में देश के कई राज्य नक्सलवाद की आग में जल रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय नेतृत्व की सख्त नीतियों के चलते अब नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और देश सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रायबरेली शहर की व्यवस्थाओं को लेकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लखनऊ से आते समय दिन में भी शहर की कई स्ट्रीट लाइटें जलती मिलीं, जो ऊर्जा की बर्बादी का बड़ा उदाहरण है। इस पर उन्होंने नगर पालिका के ईओ, जिलाधिकारी और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरत है और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री ने विकास कार्यों में तेजी लाने, योजनाओं की निगरानी मजबूत करने और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए 19 बिंदुओं पर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जब तक वैश्विक संकट और आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं, तब तक प्रशासन को और अधिक सतर्क एवं जवाबदेह होकर कार्य करना होगा।
उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है— जनता को राहत, विकास कार्यों में पारदर्शिता और हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।










